आज कमल या कमलनाथ, मध्य प्रदेश मे होगा किसका कमाल ?

मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को फ्लोर टेस्ट की संभावना, कांग्रेस-भाजपा ने व्हिप जारी किया मानेसर से रवाना हुए 100 से ज्यादा भाजपा विधायकों के देर रात भोपाल पहुंचने की संभावना है सिंधिया की दिल्ली से भोपाल वापसी पर बेंगलुरु में ठहरे विधायक भी रविवार रात या सोमवार सुबह भोपाल आ सकते हैं |

आज कमल या कमलनाथ, मध्य प्रदेश मे होगा किसका कमाल ?
  • मध्य प्रदेश गवर्नर ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट की अनुमति दी  परंतु कल के कार्यक्रम सूची मे शामिल नहीं
  • मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को फ्लोर टेस्ट की संभावना, कांग्रेस-भाजपा ने सचेतन (व्हिप) जारी किया
  • मानेसर से रवाना हुए 100 से ज्यादा भाजपा विधायकों के देर रात तक भोपाल पहुंचने की संभावना है
  • सिंधिया की दिल्ली से भोपाल वापसी पर बेंगलुरु में ठहरे विधायक भी रविवार रात या सोमवार सुबह भोपाल आ सकते हैं

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा और कांग्रेस तैयारियों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ को 16 मार्च यानि सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना पड़ सकता है। जयपुर में ठहरे कांग्रेस के 85 विधायकों के रविवार को भोपाल पहुंचने पर सियासी हलचल और तेज हो गई।

दिल्ली में अमित शाह ने सिंधिया और तोमर को अपने आवास पर बुलाया। यहां करीब दो घंटे तक बैठक चली। इसके बाद भाजपा में हलचल तेज हो गई। हरियाणा के मानेसर में ठहराए गए 100 से ज्यादा भाजपा विधायक बसों से दिल्ली पहुंचे। यहां से उन्हें भोपाल के लिए रवाना किया गया।

शिवराज सिंह रविवार दोपहर इन भाजपा विधायकों से मिलने मानेसर के आईटीसी ग्रैंड होटल भी गए थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल लौटने पर बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहरे उनके खेमे के 22 विधायक भी रविवार रात या सोमवार सुबह भोपाल पहुंच सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि विधायकों को फ्लोर टेस्ट के लिए बेंगलुरु से सीधे विधानसभा लाया जा सकता है। सिंधिया समर्थक विधायकों ने भोपाल आने से पहले जान को खतरा बताते हुए सीआरपीएफ से सुरक्षा मांगी है। दूसरी ओर, भाजपा ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कुहासे और धुंध के बादल छटते जा रहे हैं। शाम तक बहुत सारे बादल जा चुके होंगे और वह सभी बातों पर तैयार हो जाएंगे। राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष दोनों संवैधानिक पद पर बैठे हुए हैं। दोनों सही निर्णय लेंगे। हमारे विधायक पास में ही हैं, एक घंटे में आ जाएंगे, प्रतीक्षा करिए। सिंधिया भाजपा नेता हैं और उनके समर्थक भी उनके साथ हैं। अन्य विधायकों के इस्तीफे और विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई पर मिश्रा ने कहा कि 24 घंटे में सब कुछ सामने आ जाएगा। कांग्रेस चाहे तो सुप्रीम कोर्ट चली जाए। उनके मंत्रियों के प्रति मेरी संवेदना है, अब तो चला चली की बेला है।

भाजपा के पास 107 विधायक हैं। इनमें से 105 विधायकों को भाजपा ने 10 मार्च की रात ही भोपाल में पार्टी मुख्यालय से बसों में बैठाकर दिल्ली रवाना कर दिया था। इन्हें गुड़गांव के होटल में ठहराया गया है। बाकी 2 विधायकों में शिवराज सिंह अभी दिल्ली और नारायण त्रिपाठी मां के निधन के चलते मध्य प्रदेश में हैं।