तलोजा जेल के बाहर लोग अरनब के समर्थन मे लगी भीड़ ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को रविवार सुबह अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल ले जाया गया है।

तलोजा जेल के बाहर लोग अरनब के समर्थन मे लगी भीड़ ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को रविवार सुबह अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल ले जाया गया है। वहीं अब तलोजा जेल के बाहर अर्नब के समर्थन में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही अर्नब की जल्द रिहाई की मांग की है। 

प्रदर्शन के दौरान बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग मौजूद रहे। इस दौरान हाथों में अर्नब की पोस्टर लिए केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से मामले में दखल देने की अपील की गई। 

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि, 'पूरा देश अर्नब के साथ है। हम सभी उनकी जल्द से जल्द रिहाई की मांग करते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए।'

वहीं इससे पहले अर्नब गोस्वामी के समर्थन में गुवाहाटी में लोगों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वो तख्तियां, पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अर्नब गोस्वामी की तत्काल रिहाई की मांग की।

वहीं जब अर्नब को अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल भेजा जा रहा था तो उस दौरान अर्नब ने पुलिस वैन से कहा था कि, ''मुझे जान का खतरा है, मुझे सुबह पुलिस स्टेशन में मारा और घसीटा गया। सुबह जेलर ने मुझे मारा, मैंने आग्रह किया मुझे प्लीज वकील से बात करने दीजिए। मुझे बोला गया बात नहीं करने देंगे।''

अर्नब ने आगे कहा था कि, 'मैं भारत की जनता से कह रहा हूं मेरी जान को खतरा है। इन्होंने कहा कोई वकील से बात नहीं होगी, मैं आप लोगों से आग्रह कर रहा हूं मेरे साथ जुल्म हो रहा है। मेरी पुलिस कस्टडी खारिज कर दी गई है। ये लोग देर करना चाहते हैं, मुझे बाहर आने नहीं देना चाहते हैं, आप मेरी हालत देख रहे हैं। इन्होंने मुझे घसीटा मुझे रात को ही जेल लाने की कोशिश की गई।' 

गौरतलब है कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को चार नवंबर की सुबह उनके घर से पुलिस ने बिना किसी सूचना के गिरफ्तार कर लिया था। अर्नब को दो साल पुराने केस में गिरफ्तार किया गया है जो पहले ही बंद हो गया था। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने अर्नब गोस्वामी को अलीबाग कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पर पुलिस कस्टडी की मांग की गई थी, हालांकि कोर्ट ने पुलिस कस्टडी को इनकार करते हुए अर्नब गोस्वामी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।