क्या आज अर्णव की होगी रिहाई... नहीं हो सकती, अर्णव को आज भी तलोजा जेल मे रात गुजारनी ही होगी

अर्णव महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र पुलिस और अंडरवर्ल्ड के तिकड़ी मे बुरी तरह फंस चुके है और यही चिंता उनके चाहनेवालों को मंगलवार 4 नवंबर से सता रही है और जो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है वह किसी भी बड़े सेलेब्रिटी जो हत्या के मामले मे दोषी है या AK-47 रखने और आतंकियों को साथ देने मे संलग्न थे, की साथ नहीं हुआ है यही प्रश्न बनकर पुरजोर रूप से लोगों के बीच मे उठ रही है और सोशल मीडिया पर इस तरह के सवालों का तूफान आया पड़ा है। 

क्या आज अर्णव की होगी रिहाई...  नहीं हो सकती, अर्णव को आज भी तलोजा जेल मे रात गुजारनी ही होगी

अर्णव के जमानत पर आज माननीय उच्च न्यायालय का आदेश 3 बजे से सुनना शुरू किया जाएगा। छह बजे शाम तक यह कारवाई चलती रहेगी। छह बजे से 5 मिनट पहले अर्णव को जमानत मिल भी सकता है और नहीं भी। 

अगर जमानत मिल भी गई तो अर्णव को तलोजा जेल से मुक्ति नहीं मिलेगी। कारण इसका सिर्फ यह है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने मे जेल से जमानत पर कैदयों को छोड़ने का समय खत्म हो चुका होगा। 

इस प्रक्रिया को जानबूझकर इस प्रकार तय किया गया है कि आज की शाम अर्णव नहीं छुट पाएंगे। 

गौर करने की बात यह भी हैकि अगर आज उच्च न्यायालय मुंबई से जमानत नहीं मिली तो अर्णव के वकील हरीश साल्वे को सर्वोत्तम न्यायालय मे आवेदन करना होगा जहां पहले से ही दिवाली कि छुट्टी चल रही है।   

यह ज्ञात रहे कि सर्वोच्च न्यायालय की दिवाली छुट्टी 8 नवंबर से 15 नवम्बर तक है, और यह आशंका जताई जा रही है कि अर्णव के जमानत की सुनवाई के लिए सूप्रीम कोर्ट नहीं खुलेगी क्यूंकि यह कोई फांसी देने जैसा गंभीर मामला नहीं है। 

महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र की अलीबाग और मुंबई पुलिस की योजना जो धमकी के रूप मे अर्णव को मिला है वह शायद पूर्णतः क्रियान्वित होते हुए दिख रही है। अर्णव को यही धमकी दी गई है कि वह इस वर्ष अपने परिवार और ऑफिस के कर्मचारियों के साथ दिवाली नहीं माना पाएंगे। 

गौर करने की बात यही भी है महाराष्ट्र मे उच्च न्यायालय मुंबई से अगर कोई राहत न मिली तो शायद यह मामला सर्वोच्च न्यायालय मे मुख्य न्यायाधीश श्री शरद अरविंद बोबड़े जो महाराष्ट्र से ही है, के सामने जा सकता है और सूत्रों ने यह आशंका जताई है कि महाराष्ट्र मे पोषित अंडरवर्ल्ड दाऊद आता उससे जुड़े राजनीति करनेवाले नेताओं का किसी प्रकार का दबाव मुख्य न्यायधीश पर भी बनाया जा सकता है। 

सूत्रों से यही भी खुलासा हुआ है कि अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहीम ने रिपब्लिक चैनल के मुख्य संपादक अर्णव गोस्वामी की ह्त्या करने के लिए 350 करोड़ रुपये की सुपारी दी है। कल देश के राष्ट्रपति को  ज्ञापन सौपने के बाद मेजर जनरल बक्शी ने भी इस बात को राष्ट्रीय चैनल पर बोला है और अर्णव की सुरक्षा के लिए Z कैटेगरी की सुरक्षा की मांग की गई है। 

अर्णव महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र पुलिस और अंडरवर्ल्ड के तिकड़ी मे बुरी तरह फंस चुके है और यही चिंता उनके चाहनेवालों को मंगलवार 4 नवंबर से सता रही है और जो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है वह किसी भी बड़े सेलेब्रिटी जो हत्या के मामले मे दोषी है या AK-47 रखने और आतंकियों को साथ देने मे संलग्न थे, की साथ नहीं हुआ है यही प्रश्न बनकर पुरजोर रूप से लोगों के बीच मे उठ रही है और सोशल मीडिया पर इस तरह के सवालों का तूफान आया पड़ा है। 

लुटियन्स मीडिया ने अर्णव के पक्ष मे क्यूँ नहीं आती। क्या बिजनेस मे प्रतिस्पर्धा करनेवाला अर्णव को यह लॉबी दुश्मन के रूप मे देखती है? क्या दाऊद कि पहुँच सचमुच मे सर्वोच्च न्यायालय तक है? क्या सच बोलने और जनता की तरफ से आवाज उठानेवालों का यही हश्र होगा? ऐसे हजारो सवालों से महाराष्ट्र सरकार को, तीनों राजनीतिक दल को और केंद्र मे बैठे सरकार को घेरा जा रहा है। क्या इस प्रकार की घटना पर सर्वोच्च न्यायालय गंभीरता नहीं दिखाएगी? 

क्या लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ ढह गया है? क्या चौथे स्तम्भ के नाम पर केवल व्यापार हो रहा है और देश विरोधी गतिविधिया और नैरेटिव बोले जा रहे है। 

क्या सचमुच मे सर्वोच्च न्यायालय के सेलेक्टिव हियरिंग्स और त्वरित जमानत सेवा देनेपर प्रश्न उठाना सही नहीं है ? आज कई प्रश्न उठनेवाले है। आज ही कई सवालों का जवाब मिलने वाला दिन है। आज संवैधानिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र के प्रति या तो विश्वास दृढ़ होगा या खंडित...यह भारत का लोकतन्त्र का भविष्य तय करनेवाला दिन है।    

आज का दिन अर्णव की जमानत और रिहाई के लिए महत्वपूर्ण है। यह इंसाफ सिर्फ अर्णव के लिए नहीं है बल्कि जनता को भी इंसाफ मिलेगा और इस इंसाफ को पाने के लिए आज पूरे देश को 3 बजने का इंतजार है।