कल 3 बजे मिल सकती है अर्नब को जमानत

उच्च न्यायालय से कल मिल सकती है अरनब को जमानत और अलीबाग पुलिस के अवैध कार्यशैली पर लग सकती है महाराष्ट्र सरकार को फटकार।

कल 3 बजे मिल सकती है अर्नब को जमानत

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की जल्द रिहाई की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा है। इस प्रतिनिधिमंडल में रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी, वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, कर्नल आर एस एन सिंह, सुशील पंडित, ललित अंबरदार, प्रो. पवन सिन्हा, प्रो. कपिल कुमार शामिल थे। तमाम लोगों ने अर्नब की गिरफ्तारी का विरोध किया और उनकी जल्द रिहाई की मांग की।

राष्ट्रपति को सौंपे एक ज्ञापन में उन्होंने अर्नब की गिरफ्तारी को अवैध बताया और महाराष्ट्र सरकार पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए अर्नब के लिए केंद्र सरकार से सुरक्षा मांगी गई। 

राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन - 

''निवेदन है कि भारत के एक गणमान्य प्रतिष्ठित पत्रकार अर्नब गोस्वामी का मुंबई पुलिस लगातार कई सप्ताहों से किसी न किसी आरोप के बहाने निरंतर उत्पीड़न कर रही है। प्रतिदिन घंटों तक पूछताछ के बहाने बुलाना और सहयोगियों को बंदी बनाने के उपरांत भी जब वे कोई दुष्प्रभाव नहीं डाल पाएं तो उन्होंने चार नवंबर 2020 को अर्नब को एक विशुद्ध प्रतिशोध की दुर्भावना से न्यायिक प्रक्रिया और नैतिकता का उल्लंघन करते हुए कारागार में डाल दिया। उसे अभी तक न्यायालयों में प्रक्रिया गत जटिलता और विलंब का अनुचित लाभ उठाकर निरंतर शारीरिक और मानसिक संत्रास दिया जा रहा है।''

''अर्नब की सुरक्षा को लेकर भी भारी चिंता बनी हुई है। पूरे देश विदेश में इस कारण क्षोभ व्याप्त है। भारत की लोकतांत्रिक प्रतिष्ठा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों पर भी भारी कुठाराघात हुआ है। अर्नब के परिवार सहयोगियों और रिपब्लिक के दर्शकों ने इस संत्रास को निरंतर कई सप्ताह भोगा है। आपसे निवेदन है कि उपरोक्त घटनाक्रम का संज्ञान लेकर त्वरित हस्तक्षेप करें और अर्नब को उच्चतम स्तर की (Z कैटेगरी) सुरक्षा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की निगरानी में प्रदान की जाए। उनकी स्वतंत्रता शीघ्रताशीघ्र सुनिश्चित करने की कृपा करें। उन पर चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया को भी महाराष्ट्र राज्य के बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित किया जाए। जहां निष्पक्ष न्याय की संभावना हो।''

आपको बता दें, रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को रविवार सुबह अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल ले जाया गया है।

वहीं जब अर्नब को अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल भेजा जा रहा था तो उस दौरान अर्नब ने पुलिस वैन से कहा था कि, ''मुझे जान का खतरा है, मुझे सुबह पुलिस स्टेशन में मारा और घसीटा गया। सुबह जेलर ने मुझे मारा, मैंने आग्रह किया मुझे प्लीज वकील से बात करने दीजिए। मुझे बोला गया बात नहीं करने देंगे।''

गौरतलब है कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को चार नवंबर की सुबह उनके घर से पुलिस ने बिना किसी सूचना के गिरफ्तार कर लिया था। अर्नब को दो साल पुराने केस में गिरफ्तार किया गया है जो पहले ही बंद हो गया था। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने अर्नब गोस्वामी को अलीबाग कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पर पुलिस कस्टडी की मांग की गई थी, हालांकि कोर्ट ने पुलिस कस्टडी को इनकार करते हुए अर्नब गोस्वामी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।